chapter 3
युवक अनामिका को घोड़े पर बिठाकर उसके महल तक छोड़नेेेेे आते हैं युवक को यकीन नहीं हो रहा था कि उसके साथ एक लड़की बैठी हुई है एक सुंदर सीीीी राजकुमारी
युवक : काफी देर तक चुप रहने के बाद ,आप यहां कैसे आ गई इस महल में
अनामिका : हम घुड़सवारी कर रहे थे तभी हमारा घोड़ा बेकाबू होकर हमें यहां तक ले आया
युवक :अच्छा आपको पता है कि यहां आत्मा का वास है
अनामिका: नहीं किंतु हमे ऐसा लगा कि इस महल से हमारा कोई रिश्ता जरूर है यह महल हमें अपनी ओर खींच रहा था हम पता नहीं कैसे अंदर चले गए और वहां कोई अचानक से सामने आया
युवक : अपने महल का दरवाजा खोला कैसे अनामिका: हमने कोई दरवाजा नहीं खोला दरवाजा तो खुला हुआ था
युवक : क्या
अनामिका: हां
युवक : हम तो कहीं दिनों से उस दरवाजा को खोलने की कड़ी से कड़ी कोशिश कर चुके हैं
किंतु वह दरवाजा खुला ही नहीं
अपने महल में क्या देखा
अनामिका: हमने किसी को जलते हुए देखा वहां कौन था हमें नहीं पाता किंतु हम उसे देखकर बहुत डर गए थे
जब हम आने लगे तो वह दरवाजा अपने आप बंद हो गया
युवक : राजकुमारी अब आप यहां मत आइएगा आपको यह खतरा हो सकता है क्योंकि यहां की कहानी बहुत ही खतरनाक है और बहुत ही डरावनी बातें इस महल मे हुई है
अनामिका: राजकुमारी हम कोई राजकुमारी नहीं है( बड़े मीठे स्वर में धीरे से पूछती है) कि क्या है यहां की कहानी
युवक : किसी दिन फुर्सत में आएं राजकुमारी तब आपको वहां की कहानी जरूर सुनाएगे
अनामिका: मगर अभी क्यों नहीं और हम कोई राजकुमारी नहीं है
युवक :बात को बदलते हुए कहते हैं आपके सैनिक आपको को ढूंढने अभी तक नहीं आए
अनामिका: सैनिक को छोड़िए हमारे कोई सैनिक नहीं है हम और हमारी बहन दोनों बिना बताए वहां से चुपचाप आए थे घुड़ सावरी के लिए
युवक : फिर तो राजकुमारी आपके घर जल्दी पहुंचना चाहिए
अनामिका: जी हां आप हमें राजकुमारी कहना बंद कीजिए
महल से कुछ दूर पहुंच कर युवक अनामिका को उतारते हैं
युवक : ठीक है राजकुमारी अब हम चलते हैं
अनामिका: अरे!फिर से राजकुमारी और हमने कितनी बार कहा है कि हम कोई राजकुमारी नहीं है आपने तो अभी तक अपना परिचय ही नहीं दिया हमें अभी तक आप कौन है और कहां से हैं
युवक : आपने हमसे पूछा ही नहीं राजकुमारी अनामिका
अनामिका: ठहरो! हमने कितनी बार कहा कि हम कोई राजकुमारी नहीं है और हमने तो आपको हमारा नाम ही नहीं बताया फिर आपको हमारा नाम पता कैसे चला कि हमारा नाम अनामिका है
युवक : मशहूर राजा महाराजाओं के खानदान से है आप भला हम कैसे नहीं पहचानेंगे और आपको कौन नहीं जानता
ठीक है राजकुमारी हमारा सफर यहीं तक के था अब हम चलते हैं ख्याल रखिए अपना
अनामिका: वहां खड़े हुए सोचती हैं यह हमें कैसा एहसास हो रहा है क्यों क्यों हमारा मन उस तरफ खींचा जा रहा है हमारा जी चाह रहा है कि हम इन्हें रोक ले कौन है ये
और अनामिका दौड़ते हुए घर के अंदर जाती है
वहां जाकर देखते हैं कि वहां सब मरे हुए पड़े हैं ऐसा दिखाई पड़ता था जैसे कोई तूफान आकर उन्हें मार गया हो
यह सब देखकर अनामिका फुट फुट के रोने लगती है
यह सब क्या हो गया किसने मारा इन सब को मां के पास मां मां उठिए मां
पिताजी के पास जाकर पिता का आवाज लगती पिताजी उठिए यह क्या हो गया आप लोगों को
कभी मां के पास कभी पिताजी के पास ये कैसे हुआ( ताकि सांसे चल रही होती है और वह अनामिका को कहते हैं) बेटा अनामिका आप अपने गले से ये माला कभी मत उतारना कितना का कर पिताजी गुज़र जाते हैं
तभी दाशमिका आती है
अनामिका: दाश्मिका को पकड़ते हुए और रोते हुए कहती है देखो दाश्मिका का किसी ने हमारे माता-पिता को मार डाला है यह कैसे हुआ किसने किया है यह सब कुछ तो बोलो तुम
दाश्मिका : अनामिका की तरफ श..श.. श.. करती है अपनी नाक पर उंगली रखकर कहती है
चुप रहिए अनामिका! और उसके गले से माला तोड़ देती है
नए मेहमान से मिलिए
देखो उधर
अनामिका: तुम्हें क्या हो गया है दाश्मिका और यह कौन है
तभी निहारिका बोलती है: क्या कहा तुमने हम कौन हैं तुमने हमें नहीं पहचाना इन सब को मारने वाले हम ही निहारिका
अनामिका डरते हुए: कौन निहारिका हम नहीं जानते
निहारिका : अच्छी बात है कि तुम हमें नहीं जानती
अनामिका का मुंह पकड़ कर कहती है
अनामिका हम तुम्हारी वजह से बहुत दिनों तक कैद में रहे हैं और अब हम तुमसे उसे एक एक चीज का बदला लेंगे इतना दर्द देंगे कि तुम्हारी रूह काब उठेगी
अनामिका : हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है
निहारिका: क्या कहा तुमने' और (चिल्ला कर फिर से कहती है ) किया कहा तुमने, तुमने कुछ नहीं बिगड़ा
तुमने हमसे हमारा सब कुछ छीना है तुम्हारी वजह से हम उसे महल में कैद रहे
तुम्हारी ही वजह से हम भार्गव और अभिराज से अपना बदला नहीं ले सके तुम्हारे ही कारण हमें जिंदा जलाया गया तुम्हारी वजह से आज हम एक आत्मा बनकर रहे गये तुम पूछती हो अनामिका की तुमने क्या किया
अनामिका: आप किसी गलत फैमिली का शिकार है हमें नहीं पता हम किसी को नहीं जानते
पूछिए दाश्मिका को
दाश्मिका: खामोश! खबरदार जो अपनी जुबान से हमारा नाम लिया अनामिका हम तुमसे नफरत करते हैं अनामिका समझी तुम
अनामिका को जेल के अंदर कैद कर लेती है निहारिका
दाश्मिका का निहारिका दोनों चली जाती है
अकेली सहमी बैठी हुई
यह किस गुनाह की सजा मिल रही है हमें, हम कहा कैद हो गए है अनामिका उसी कोठरी में बंद होती है जहां कभी- अभीराज महाराज दाश्मिका का निहारिका दोनों चली जाती है
अकेली सहमी बैठी हुई अनामिका जेल में
यह किस गुनाह की सजा मिल रही है हमें, हम कहा कैद हो गए है अनामिका उसी कोठरी में बंद होती है जहां कभी- अभीराज महाराज बनंद थे
( कभी अचानक अनामिका की नजर दीवार पर पड़ती है और वहां देखती हैं की दीवार पर उसकी तस्वीर बनी हुई है)
अनामिका सोचती है कि हमारी तस्वीर यहां कैसे हैं किसने बनाया है इसे वह हैरान हो जाती है
आखिरकार क्या हो रहा है हमारे साथ हमें क्यों कुछ समझ में नहीं आ रहा
यह कैसी घटनाएं घट रही है
हमें सब जानते हैं लेकिन हम किसी को क्यों नहीं जानते क्यों और चीखती चिल्लाती है
क्यों प्रभु क्यों
थे
( कभी अचानक अनामिका की नजर दीवार पर पड़ती है और वहां देखते हैं की दीवार पर उसकी तस्वीर बनी हुई है)
अनामिका सोचती है कि हमारी तस्वीर यहां कैसे हैं वह हैरान हो जाती है
आखिरकार क्या हो रहा है हमारे साथ हमें क्यों कुछ समझ में नहीं आ रहा
यह कैसी घटनाएं घट रही है
हमें सब जानते हैं लेकिन हम किसी को क्यों नहीं जानते क्यों और चीखती चिल्लाती है
क्यों प्रभु क्यों
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क्या होगा अब अनामिका का?
क्या उसे कोई छुड़ाने आएगा? क्या वो अपना अगला जन्म इस जेल में याद कर पाएगी?
और आगे क्या करने वाली है निहारिका? क्या थी इतिहास की घटनाये
जाने आगे की कहानी ch=4 मे pocket fm पर
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